शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष

शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष

     अगर हम शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की आसान भाषा में बात करें तो हिन्दू पंचांग के पूर्णिमा से अमावस्या के दिन तक के समय को कृष्ण पक्ष और अमावस्या से पूर्णिमा के दिन तक के समय को शुक्ल पक्ष कहते हैं।

शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष का हिन्दू धर्म में महत्त्व 

हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार कोई भी कार्य शुक्ल पक्ष में करना ज्यादा शुभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र की मानें तो शुक्ल पक्ष की दशमी से कृष्ण पक्ष की पंचमी तक के समय में चन्द्रमा की ऊर्जा अपने चरम पर होती है। इसलिए इस समय को किसी कार्य को आरम्भ करने के लिए ज्योतिष शास्त्र में शुभ माना जाता है। 

इस प्रकार ज्योतिष शास्त्री हिन्दू पंचांग के द्वारा शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की गणना करके शुभ और अशुभ समय को तय करते हैं।

निष्कर्षइस लेख में हमने शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष के बारे में जाना ।

ऐसी ही और भी जानकारी पाने के लिए हम से जुड़े रहे... 

धन्यवाद।


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