मां शक्ति की कथा (story of Maa Shakti)

जय मां भवानी!जय सनातन धर्म! हर हर महादेव!!!

।।ॐ।।

।।श्री गणेशाय नमः।।

मां शक्ति की कथा 
STORY OF MAA SHAKTI





भूमिका :
   मां शक्ति आखिर कौन हैं जिन्हें हम संपूर्ण ब्रह्मांड के सर्वोच्च शक्ति से परिपूर्ण मानते हैं। आइए मां शक्ति की कथा को संक्षिप्त में जानने की कोशिश करते हैं।


मां शक्ति की कथा

Jay Mata Di
 
माता शक्ति की कथा (story of Maa Shakti in Hindi- Jay Mata di)
 

सतयुग के राजा दक्ष की पुत्री सती माता को शक्ति कहा जाता है। शिव के कारण उनका नाम शक्ति हो गया। हालांकि उनका असली नाम दाक्षायनी था। यज्ञ कुंड में कुदकर आत्मदाह करने के कारण भी उन्हें सती कहा जाता है।

 बाद में उन्हें पार्वती के रूप में जन्म लिया। पार्वती नाम इसलिए पड़ा क्योंकि वह पर्वतराज की पुत्री थी।


पिता की ‍अनिच्छा से उन्होंने हिमालय के इलाके में ही रहने वाले योगी शिव से विवाह कर लिया। 

 एक यज्ञ में जब दक्ष ने सती और शिव को न्यौता नहीं दिया, फिर भी माता सती शिव के मना करने के बावजूद अपने पिता के यज्ञ में पहुंच गई, लेकिन दक्ष ने शिव के विषय में सती के सामने ही अपमानजनक बातें कही।

सती को यह सब बरदाश्त नहीं हुआ और वहीं यज्ञ कुंड में कूद कर अपने प्राण त्याग दिए।

यह खबर सुनते ही शिव ने अपने सेनापति वीरभद्र को भेजा, जिसने दक्ष का सिर काट दिया। इसके बाद दुखी होकर सती के शरीर को अपने सिर पर धारण कर शिव ‍क्रोधित हो धरती पर घूमते रहे।


इस दौरान जहां-जहां सती के शरीर के अंग या आभूषण गिरे वहां बाद में शक्तिपीठ निर्मित किए गए। जहां पर जो अंग या आभूषण गिरा उस शक्तिपीठ का नाम वह हो गया।

माता पार्वती ने ही ‍शुंभ-निशुंभ, महिषासुर आदि राक्षसों का वध किया था।

 

॥ जय मां भवानी ॥


निष्कर्ष  : इस लेख में हमने मां शक्ति की कथा को संक्षिप्त रुप में जानने का प्रयास किया है। उम्मीद करते हैं आपको यह लेख अच्छी लगी होगी और आपके लिए उपयोगी भी होगी, इसे अपने परिजनों के साथ शेयर जरुर करें।

॥ जय माता दी॥

धन्यवाद।

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